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बिहार विधानसभा चुनाव: आयोग के साथ बैठक में भाजपा-जदयू ने दिया ये सुझाव, राजद ने वर्चुअल रैली का विरोध किया

जदयू व भाजपा ने एक साथ सभी सीटों पर चुनाव कराने की मांग की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार एचआर श्रीनिवास  ने कोरोना को लेकर चुनाव के दौरान उपाय किए जाने के संबंध में 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। इसके लिए शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई।

उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि बैठक में टीएमसी को छोड़ 11 दल शामिल हुए। जदयू- भाजपा, राजद सहित कुछ दलों ने लिखित सुझाव दिए। जिन दलों ने लिखित सुझाव नहीं दिए उन्हें सोमवार तक इसे कार्यालय में देने का निर्देश दिया गया। सभी दलों की राय से चुनाव आयोग को अवगत कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार बैठक में जदयू के ललन सिंह ने कहा कि कोरोना को लेकर एक साथ सभी सीटों पर चुनाव कराना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार के कर्मियों की भी जरूरत पड़े तो सुरक्षा के साथ चुनाव कराया जाना चाहिए।

बड़े नेताओं की रैलियों की अलग व्यवस्था हो : जदयू
जदयू ने बिहार विधानसभा का चुनाव एक चरण में कराने की मांग चुनाव आयोग से की है। साथ ही उसने चुनाव आयोग को चुनाव प्रचार को दो भागों में बांटने की भी मांग की है। प्रत्याशियों के लिए प्रचार का वही पुराना तरीका हो, जबकि बड़े नेताओं की रैलियों को लेकर अलग व्यवस्था चुनाव आयोग तय करे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के संग बैठक के बाद लोकसभा में जदयू संसदीय दल के नेता राजीव रंजन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी दलों के संग हमलोगों ने भी चुनाव आयोग को अपनी राय दी है। हमारी मांग है कि बिहार में एक फेज में चुनाव होना चाहिए। क्योंकि आज की तारीख में सिर्फ बिहार में चुनाव हो रहा है और पूरे देश का पारा मिलिट्री फोर्स जो कई राज्यों में जाती थी, आज फ्री है। पारा मिलिट्री फोर्सेज का इस्तेमाल कीजिए और एक फेज में चुनाव कराइए। आपको अगर चुनाव कर्मी की कमी हो तो बिहार में भारत सरकार के जो लोक उपक्रम हैं उनके कर्मचारियों को लगाइए। बगल के राज्यों से कर्मचारियों को मंगाइए। श्र्री ंसह ने कहा कि आयोग को हमलोगों ने कहा है कि चुनाव प्रचार को दो भाग में बांट दीजिए। एक, उम्मीदवार गांव-गांव घूमे, वोट मांगे जैसे वे पहले मांगते थे। दूसरे, जो बड़े नेता हैं वे कैसे रैलियां करें, कैसे सोशल डिस्र्टेंंसग के नियमों का पालन हो, यह चुनाव आयोग तय करे। सभी से राय लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आयोग निर्णय करे।

राजद ने वर्चुअल रैली का विरोध किया 
राजद और रोलासपा ने चुनाव आयोग के सामने वर्चुअल रैली के माध्यम से प्रचार का विरोध किया। साथ ही इस पर रोक लगाने की मांग की। पार्टी ने कहा कि प्रचार का यह तरीका सिर्फ पैसे वाली पार्टियां ही अपना सकती हैं। रालोसपा ने भी सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए आम सभा और बैठकों की इजाजत देने की मांग चुनाव आयोग से की।  आयोग की सर्वदलीय बैठक में राजद की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, प्रधान महासचिव अलोक मेहता और विधायक शक्ति सिंह यादव ने भाग लिया जबकि रालोसपा की ओर से निर्मल कुशवाहा और सुभाष सिंह चन्द्रवंशी ने भाग लिया। दोनों दल के नेताओं ने चुनाव कितने चरण में होगा यह आयोग पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि एक चरण में हो या पांच चरण में यह आयोग फैसला करे। लेकिन सभी को डोर-टू-डोर कंर्पेंनग का समय मिलना चाहिए। सभी दलों को अपना घोषणा पत्र मतदाताओं के दरवाजे पर पहुंचाने का मौका मिलना चाहिए।

लोजपा ने बैठक में उठाये कई सवाल 
लोजपा ने चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक पर सवाल खड़ा किया है। पार्टी के प्रधान महासचिव डॉ. शाहनवाज अहमद कैफी ने बूथ पर वोटरों की संख्या कम करने का मांग की। आयोग के अधिकारियों ने कहा यह तो तय हो चुका है। इसपर लोजपा प्रतिनिधि ने आपत्ति जताई और कहा कि जब आप सबकुछ पहले से ही तय कर चुके हैं तो फिर बैठक बुलाने का मकसद क्या है। बाद में बैठक में लोजपा प्रतिनिधि ने प्रवासी मजदूरों का वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के साथ कई और मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक बूथ पर पांच सौ से अधिक वोटर नहीं होने चाहिए। इससे सोशल डिस्र्टेंंसग के साथ वोट कराने में सहूलियत होगी।


एक-दो चरणों में हो विस चुनाव : भाजपा  

चुनाव आयोग के साथ राजनीतिक दलों की बैठक में भाजपा ने कई मांग रखी है। पार्टी ने कहा है कि बिहार विधानसभा का चुनाव अधिकतम दो चरणों में ही हो। साथ ही कोरोना के मद्देनजर सूबे के हरेक विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और मास्क लगाकर ही प्रचार करने की अनुमति दी जाए।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष  संजय जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, प्रदेश महामंत्री जनक राम, भाजपा चुनाव सेल के संयोजक राधिका रमण ने चुनाव आयोग को पार्टी की ओर से सुझाव दिया। इस बाबत एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा  कि  विधान सभा का चुनाव एक या दो चरणों में ही कराया जाए। प्रत्येक विधानसभा में मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाए। विभाजित मतदान केन्द्रों को एक र्बिंल्डग में रखने का प्रयास किया जाए। वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से लिंक किया जाए। शहरी क्षेत्र को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र के बूथों को पंचायती राज के तर्ज पर स्वीकृति दी जाए। चुनाव प्रचार और जनसम्पर्क हेतु मास्क लगाना अनिवार्य किया जाए।

नुक्कड़ सभाओं की इजाजत मिले  
भाकपा की राज्य कमेटी ने बिहार विधान सभा चुनाव के मद्देनजर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को कई सुझाव दिए हैं। राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा कि चुनाव प्रसार के लिए छोटी व नुक्कड़ सभाओं की इजाजत मिलने। इसके लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी नहीं हो। बड़ी रैलियों और रोड शो जैसे कार्यक्रम नहीं हों।
सोशल मीडिया का चुनाव प्रचार के दौरान बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जाता है। इसलिए उन पर नियंत्रण होना चाहिए। चुनाव प्रचार के लिए पेड न्यूज और फेक न्यूज का प्रसारण के पर सख्ती से नियंत्रण होना चाहिए।

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